नवरस एवँ नवग्रह

वीर रस – सूर्य
करुणा रस – चंद्र
रौद्र रस – मंगल
हास्य रस – बुध
शांत रस – गुरु
श्रंगार रस – शुक्र
वीभत्य रस – शनि
अद्भुत रस – राहु
भयानक रस – केतु